सम्पूर्ण रामचरितमानस
सुन्दरकाण्ड पाठ दोहा 51 से 60 तक अध्ययन
॥ सुन्दरकाण्ड ॥ ॥ दोहा 51 ॥ सकल चरित तिन्ह देखे धरें कपट कपि देह, प्रभु गुन हृदयँ सराहहिं सरनागत पर नेह॥ ॥ चौ…
॥ सुन्दरकाण्ड ॥ ॥ दोहा 51 ॥ सकल चरित तिन्ह देखे धरें कपट कपि देह, प्रभु गुन हृदयँ सराहहिं सरनागत पर नेह॥ ॥ चौ…
॥ सुन्दरकाण्ड ॥ ॥ दोहा 41 ॥ रामु सत्यसंकल्प प्रभु सभा कालबस तोरि, मैं रघुबीर सरन अब जाउँ देहु जनि खोरि॥ ॥ चौप…
॥ सुन्दरकाण्ड ॥ ॥ दोहा 31 ॥ निमिष निमिष करुनानिधि जाहिं कलप सम बीति, बेगि चलिअ प्रभु आनिअ भुज बल खल दल जीति॥ …
॥ सुन्दरकाण्ड ॥ ॥ दोहा 21 ॥ जाके बल लवलेस तें जितेहु चराचर झारि, तास दूत मैं जा करि हरि आनेहु प्रिय नारि॥ ॥ च…
॥ सुन्दरकाण्ड ॥ ॥ दोहा 11 ॥ जहँ तहँ गईं सकल तब सीता कर मन सोच, मास दिवस बीतें मोहि मारिहि निसिचर पोच॥ ॥ चौपाई ॥…
॥ सुन्दरकाण्ड ॥ (रामचरितमानस – श्रीराम भक्त हनुमान जी का प्रसंग) श्लोक १ शान्तं शाश्वतमप्रमेयमनघं निर्वाण…