Vindhyachal Dham Yatra Sampurna,

AnandShastri
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🌺 श्री विन्ध्याचल धाम यात्रा 🌺

श्री विन्ध्याचल धाम यात्रा“श्री विन्ध्याचल धाम यात्रा विन्ध्य क्षेत्र के लिए मार्ग दर्शन , धार्मिक महत्व,पूजा विधि , मंदिरों में आरती पूजन का समय , व्रत -त्योहार का ज्ञान कराने वाली पुस्तक सम्पूर्ण यात्रा इस पुस्तक के द्वारा कर सकते हैं।

🕉️त्रिलोक में सर्वोत्तम स्थान विन्ध्याचल धाम

देवी भागवत के अनुसार विन्ध्य विन्ध्याचल समं स्थानम् नास्ति त्रयलोक्यमंचले स्थान सर्वोत्तमोत्तमं
विन्ध्याचल के समान तीनों लोको में कोई स्थान नहीं है, यह सर्वोत्तम स्थान है । जबकी नारद जी ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र समं क्षेत्र नास्ति ब्रह्माण्डगोलके ’’ ब्रह्माण्ड में विन्ध्यक्षेत्र सर्वोत्कृष्ट है । प्राकृतिक सौन्दर्य की अनुपम छटा समेटे विन्ध्यक्षेत्र ऊँचे पहाड़ झरने , नदियों गुफाओं , खोह, कन्दराओं दैवीं आपदाओं से अछूता , संत महात्माओं , ऋषियों की तपोस्थली , जहाँ पर माँ गंगा विन्ध्य पर्वत का स्पर्श करती हुयी शक्ति स्वरूपा माँ विन्ध्यवासिनी का चरण स्पर्श कर अपने को धन्य करती है । ब्रह्माण्ड नायिका ने अपने निवास के लिए विन्ध्यक्षेत्र का चयन किया विन्ध्यस्थानम् विन्ध्यनिलयाम विन्ध्याचल निवासिनी यह क्षेत्र प्रलय की परिधि में नहीं आता क्योकिं जगत जननी माँ यहाँ पर नित्य विराजमान करती हैं । सृष्टि के प्रारम्भ से प्रलय तक यह क्षेत्र समाप्त नहीं होता । माँ यहाँ पर अपने तीन रूप महालक्ष्मी , महासरस्वती , महाकाली , के रूप के साथ ही योग माया बनकर निवास करती हैं । महालक्ष्मी जहां पर धन, ऐश्वर्य की कमी नहीं होने देती वहीं पर सरस्वती ज्ञान को प्रदान करती हैं , काली संहार रूप में पाप का नाश कर देती हैं । इन सब के कारण ही विन्ध्य क्षेत्र को सर्वोत्तम स्थान कहा जाता है ।
विन्ध्य क्षेत्र का महात्म

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